तमन्ना भाटिया ने याद किया बॉलीवुड का मुश्किल दौर: मुंबई वालों को बताना पड़ता था कि मैं यहीं की हूं!
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, जो बॉलीवुड और साउथ दोनों इंडस्ट्री में अपनी दमदार मौजूदगी के लिए जानी जाती हैं, हाल ही में अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें मुंबई के लोगों को यह समझाना पड़ता था कि वे वास्तव में मुंबई की ही हैं।
साउथ
सिनेमा में शुरुआत
फिल्मफेयर
को दिए इंटरव्यू में
तमन्ना ने कहा,
“जब मैंने साउथ फिल्मों में
काम करना शुरू किया,
तब मैं बहुत छोटी
थी। अगर मुझे वहां
लंबे समय तक काम
करना था, तो भाषा
सीखना बेहद ज़रूरी था।
हर भाषा का अपना
एक अंदाज़ और बॉडी लैंग्वेज
होती है, जो मैंने
स्थानीय लोगों से बात करके
सीखी। सबसे अहम था
वहां की संस्कृति को
समझना, क्योंकि मेरा बचपन और
पढ़ाई मुंबई में हुई थी।
अगर मुझे साउथ के
किरदारों को सच्चाई से
निभाना था, तो मुझे
उनकी संस्कृति को अपनाना ही
पड़ता।”
बॉलीवुड
में मुश्किल शुरुआत
तमन्ना
ने बताया कि साउथ इंडस्ट्री
में मजबूत पहचान बनाने के बाद, जब
उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा,
तो शुरुआत आसान नहीं थी।
उन्होंने कहा,
“मैं हिंदी फिल्में देखकर बड़ी हुई हूं,
इसलिए उस संस्कृति को
समझना मेरे लिए आसान
था। लेकिन जब मैंने हिंदी
फिल्मों में काम करना
शुरू किया, तब सबसे मुश्किल
था यह साबित करना
कि मैं मुंबई की
ही हूं। उस वक्त
मैं लगभग 10-12 साल साउथ इंडस्ट्री
में काम कर चुकी
थी, और वहां मेरी
इतनी पहचान बन चुकी थी
कि लोगों को लगता था
मैं वहीं की हूं।”
दो
दुनियाओं के बीच संतुलन
‘आज
की रात’ फेम अभिनेत्री
ने आगे कहा कि
उनके लिए मुंबई और
साउथ दोनों ही जगहें खास
हैं — एक उनकी कर्मभूमि
है और दूसरी जन्मभूमि।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अब
मुझे लगता है कि
मैंने दोनों दुनियाओं के बीच एक
अच्छा संतुलन पा लिया है।”
संक्षेप
में: तमन्ना भाटिया की कहानी सिर्फ
एक एक्ट्रेस की नहीं, बल्कि
उस लड़की की है जिसने
दो संस्कृतियों, दो इंडस्ट्रीज़ और
दो दुनियाओं के बीच अपनी
एक अनोखी पहचान बनाई।

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