तमन्ना भाटिया बोलीं – मेरे लिए दिवाली का मतलब है अपने मन की लड़ाइयाँ जीतना
दिवाली
की चमक और रौशनी
के बीच अभिनेत्री तमन्ना
भाटिया के लिए यह
त्योहार सिर्फ पटाखों या पार्टियों का
नहीं, बल्कि मन की शांति और आत्म-विकास का प्रतीक है।
उनके मुताबिक, असली दिवाली तब
होती है जब हम
अपने अंदर की बुराइयों
पर जीत हासिल करते
हैं।
तमन्ना
कहती हैं, “मेरे लिए दिवाली
का मतलब है परिवार,
दोस्तों और दिल से
की गई बातें। लेकिन
इससे भी ज़्यादा, ये
त्योहार खुद के भीतर
अच्छाई को जगाने और
अपनी असुरक्षाओं पर विजय पाने
का है।”
व्यस्त
लेकिन चमकदार दिवाली
इस साल तमन्ना के
लिए दिवाली बेहद व्यस्त रही।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ये
मेरे लिए वर्किंग दिवाली
थी। एक दिन पूजा
के लिए और परिवार
के साथ वक्त बिताने
का मौका मिला, लेकिन
उतनी पार्टियों में शामिल नहीं
हो पाई जितना चाहती
थी। दिवाली के दिन पूरा
परिवार साथ था — ढेर
सारा खाना, हंसी-मज़ाक और
अपनों के साथ अच्छा
वक्त।”
‘घर
पर दिवाली थोड़ी अनौपचारिक होनी चाहिए’
तमन्ना
बताती हैं कि उन्हें
घर पर दिवाली का
माहौल थोड़ा अनौपचारिक और सहज पसंद है।
“घर और ऑफिस में
पूजा के बाद मैं
अपने दोस्तों को बुलाती हूँ
ताकि सब मिलकर वक्त
बिता सकें। मुझे नहीं लगता
कि दिवाली पर सबको बहुत
ज़्यादा तैयार होना चाहिए — बस
आराम से आओ, अच्छा
खाना खाओ और खुश
रहो।”
‘इस
बार पूरी तरह पारंपरिक लुक अपनाने वाली हूँ’
फैशन
की बात करें तो
तमन्ना मानती हैं कि दिवाली
पारंपरिक पहनावे में थोड़ी ग्लैमर की झलक जोड़ने का सही मौका
है।
“मैंने तय किया है
कि इस बार मेरा
लुक पूरी तरह ट्रेडिशनल
रहेगा — साड़ी या अनारकली पहनूँगी,
ढेर सारा ब्लिंग और
ज्वेलरी भी होगी। दिवाली
वो वक्त है जब
आप पूरे मन से
भारतीय लुक को जी
सकते हैं,” वह मुस्कुराते हुए
कहती हैं।
‘असली
दिवाली है अपने अंदर की बुराई पर जीत हासिल करना’
तमन्ना
बताती हैं कि दिवाली
सिर्फ दीयों की रोशनी नहीं,
बल्कि अंदर की अंधकार पर विजय का प्रतीक है।
“दिवाली अच्छाई की बुराई पर
जीत की कहानी है,
लेकिन ये कहानी हमारे
भीतर होती है। हम
सब अपने विचारों और
डर से जूझते हैं।
मेरे लिए दिवाली का
मतलब है अपने मन
की लड़ाइयाँ जीतना — अच्छाई को सिर्फ सोच
में नहीं, कर्म में उतारना।”
तमन्ना
के डांस हिट्स: दिवाली नाइट्स का म्यूजिक
दिवाली
की रातें अब तमन्ना के
डांस नंबरों के बिना अधूरी
हैं। चाहे ‘आज की रात’ हो या ‘गफूर’,
उनके गाने अब हर
फेस्टिव पार्टी की पहचान बन
चुके हैं।
वो हँसते हुए कहती हैं,
“आज की रात और
गफूर अब पार्टियों का
हिस्सा बन चुके हैं
— और ये मेरे लिए
बहुत खुशी की बात
है। बचपन में मैं
दूसरों की शादी और
दिवाली पार्टियों में डांस करती
थी, और आज लोग
मेरे गानों पर नाचते हैं।
यही तो असली खुशी
है।”
संक्षेप में, तमन्ना भाटिया के लिए दिवाली सिर्फ उत्सव नहीं — आत्म-चिंतन, परिवार और सच्ची खुशी का त्योहार है। वो मानती हैं कि असली रोशनी बाहर नहीं, हमारे भीतर जगती है।

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